सरसों तोरिया की हल्की तोडाई से बढेगा उत्पादन
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वोवाई से पहले मृदा परीक्षण अति आवश्यक ।
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पशुओं के बाहरी परजीवियों से बचाने हेतु करे ब्यूटाक्स 0-01 प्रतिशत का इस्तेमाल
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जलालाबादः कृषि विज्ञान केन्द्र कन्नौज के तरफ से आज
एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन ग्राम तरपुरवा मे सरसों एवं तोरिया की
वैज्ञानिक खेती विषय पर किया गया जिसमे सस्य वैज्ञानिक डा0 बिनोद कुमार दोहरे ने बताया कि यदि किसान भाई सरसों
एवं तोरिया मे शाखा आने की अवस्था पर ऊपर से हल्की तोडाई करते हैं तो शाखाये
ज्यादा निकलती हैं जिससे उत्पादन बढ जाता है । किसान अक्सर सरसों तोरिया की वोवाई
छिडकवाँ विधि से करते हैं जो कि पूर्णता गलत है । इसके लिए तोरिया की वोवाई 30 से0मी0 एवं राई सरसों को 45 से0मी0 दूरी पर बनी कतारों मे बोना
चाहिए । वही डा0 सुभाष सिह ने मृदा परी{ा.ा हेतु नमूना लेने की विधि की विस्तृत जानकारी दी ।
बताया कि पौधों के सेहतमंद रखने हेतु नत्रजन, फास्फोरस, पोटाश के अलावा कैल्सियम, मैगनीशियम, जिंक, बोरान, कापर
आदि की भी आवश्यकता होती है । जिसकी कमी से उत्पादन के साथ साथ मानव शरीर एवं
पशुओं की सेहत पर भी बुरा असर पढता है । वही पशुपालन वैज्ञानिक डा0 शशिकान्त ने बताया कि पशुओं के बाहरी परजीवियों से
बचाने हेतु ब्यूटाक्स का 0.01 प्रतिशत घोल को बोरा या सूती
कपङा मे लेकर पूरे शरीर को पोंछकर मुंह को मुसीका से ढक देते है ताकि घोल को पशु
चाट न सके और 15 मिनट बाद पशु को नहला देते है । डा0 पूनम सिह ने महिलाओं को स्वावलंबी बनने हेतु उधम
विकास पर जोर दिया । इस अवसर पर Ûाँव सेे बढी सख्या मे किसानों
ने हिस्सा लिया । जिसमे कु पूनम, अमित, राम बाबू, सिया
राम प्रहलाद आदि किसानों ने सहभाग लिया ।
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